
राजन सिंह चौहान
मनेंद्रगढ़/बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में राजनीति में बड़ा ओहदा और सरकारी या राजनीतिक नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर 82.63 लाख रुपये की ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनेंद्रगढ़ के खोंगापानी निवासी निखत परवीन शाबरी नाम की महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?

फेसबुक से दोस्ती: पुलिस के मुताबिक, श्री विहार निवासी चेतन आनंद दुबे की करीब एक साल पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए निखत परवीन से पहचान हुई थी।
बड़े नेताओं से नजदीकी का दावा: आरोपी महिला ने खुद को किसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का बड़ा कार्यकर्ता बताते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ करीबी संबंध होने का झूठा दावा किया था।
भरोसा जीतना: शुरुआत में महिला ने पीड़ित के एक जमीन विवाद को सुलझाने में मदद करने का नाटक किया, जिससे चेतन आनंद दुबे का उस पर भरोसा पूरी तरह से जम गया।
पार्टी फंड और खर्च के नाम पर ऐंठे 82 लाख से ज्यादा

भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने पीड़ित को राजनीतिक पार्टी में बड़ा पद या महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्ति दिलाने का लालच दिया। इसके बाद पार्टी फंड और अन्य प्रशासनिक खर्चों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 82.63 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
लेन-देन का विवरण: जांच में यह बात सामने आई है कि इसमें से 62.63 लाख रुपये ऑनलाइन (बैंक खातों के माध्यम से) ट्रांसफर किए गए थे, जबकि 20 लाख रुपये नकद (Cash) दिए गए थे।
धमकी और गिरफ्तारी
लंबे समय तक जब कोई राजनीतिक पद या नियुक्ति नहीं मिली, तो पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। उसने जब महिला से अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर बिलासपुर पुलिस ने जालसाज महिला निखत परवीन को धर दबोचा।
पुलिस की बड़ी खुलासे और चेतावनी
राजनीतिक दलों से कोई लेना-देना नहीं: पुलिस की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी महिला का किसी भी वास्तविक राजनीतिक दल से कोई संबंध या संलिप्तता नहीं है। वह केवल ठगी की साजिश रचने के लिए खुद को बड़े नेताओं के करीब बताती थी।
अन्य पीड़ितों की तलाश: पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इस ठग महिला ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की भी तलाश कर रही है ताकि इस गिरोह या ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
कई थानों में महिला के नाम पर केस दर्ज
देखिए वीडियो
मामले में सरकंडा थाने में अपराध क्रमांक 1376/2026, धारा 318(4) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने धारा 119(1) BNS भी जोड़ी.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के खोंगापानी पहुंची और आरोपी महिला को उसके निवास से हिरासत में लिया. पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड और प्रार्थी के दस्तावेज व बायोडाटा जब्त किए हैं. पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी झगराखांड और सिविल लाइन रायपुर थाने में वसूली, ब्लैकमेलिंग, जुआ तथा अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं.




