


राजन सिंह चौहान ” संपादक “
मनेन्द्रगढ़ | जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से गैर-शैक्षणिक और आपत्तिजनक वीडियो दिखाने के मामले में विज्ञान के सहायक शिक्षक बालेश्वर द्विवेदी को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

सीएम हेल्पलाइन पर मिली थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई एक शिकायत से उजागर हुआ। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए 12 सितंबर 2026 को खुद बरबसपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिससे मामले की सच्चाई सामने आई।
जांच में हुई प्रथम दृष्टया पुष्टि
प्रारंभिक जांच और छात्राओं के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि सहायक शिक्षक विज्ञान श्री बालेश्वर द्विवेदी द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के, 15 अगस्त 2026 के पूर्व पड़ने वाले एक शनिवार को विद्यालय में प्रोजेक्टर के जरिए गैर-शैक्षणिक और आपत्तिजनक वीडियो प्रदर्शित किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 18 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर शिक्षक से जवाब तलब किया गया था। निर्धारित समयावधि में शिक्षक द्वारा प्रस्तुत किया गया जवाब प्रशासनिक जांच में असंतोषजनक पाया गया।
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किन नियमों के तहत हुई कार्रवाई?
प्रशासन ने शिक्षक के इस कृत्य को गंभीर कदाचार मानते हुए निम्नलिखित नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की है:
छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965: नियम 3 के उपनियम (एक), (दो), (क) एवं (ख) के सर्वथा विपरीत।
सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966: नियम 9 के उपनियम 1 एवं 2 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए निलंबन।
निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय तय
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान श्री बालेश्वर द्विवेदी का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, भरतपुर (जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) नियत किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के भविष्य और नैतिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर, संयुक्त संचालक शिक्षा (सरगुजा संभाग) तथा संबंधित विभागों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतियां प्रेषित कर दी गई हैं।




