

राजन सिंह चौहान editor in cheif
जिले के चिरमिरी जिला अस्पताल के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल में अत्याधुनिक 5-बिस्तरीय डायलिसिस यूनिट और 30 बिस्तर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस नई स्वास्थ्य सुविधा के शुरू होने से अब किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए अंबिकापुर, बिलासपुर या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ आर्थिक और मानसिक राहत भी मिलेगी।चिरमिरी जिला अस्पताल लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में आज अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक 5-बिस्तरीय डायलिसिस यूनिट का शुभारंभ किया गया। यह सुविधा न केवल एमसीबी जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों किडनी मरीजों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
अब तक डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को अंबिकापुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी। लंबी दूरी, अतिरिक्त खर्च और बार-बार आने-जाने की परेशानी के कारण आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार मिल सकेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव और जिले तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष जून तक चिकित्सकों के आवास का भी उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही अटल पैथोलॉजी लैब का शुभारंभ और सीटी स्कैन मशीन भी जल्द ही जिला अस्पताल में शुरू की जाएगी, जिससे मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि आज से शुरू हुई डायलिसिस यूनिट कल से सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक संचालित होगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यह पहल एमसीबी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए राहत और उम्मीद की नई किरण लेकर आई है।
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